दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर ग्रैप-2 लागू: जनरेटर पर पाबंदी, निर्माण कार्यों पर सख्त निगरानी के निर्देश
वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 के पार खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रैप-2 के तहत कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं।
दिल्ली की सड़कों पर धुंध और स्मॉग की चादर।
नई दिल्ली: सर्दियों की शुरुआत के साथ ही दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा जहरीली होने लगी है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने आवश्यक सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर सेट चलाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
मेट्रो और डीटीसी बसों के फेरे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि लोग निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें। धूल उड़ने से रोकने के लिए सड़कों पर वाटर स्प्रिंकलर और एंटी-स्मॉग गन तैनात की गई हैं।
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संसद में हुई यह चर्चा लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाती है। जनता हेडलाइन की यह रिपोर्ट बहुत विस्तृत और निष्पक्ष है।
डिजिटल सेवाओं में साइबर फ्रॉड की रोकथाम सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। गांव-गांव तक जागरूकता अभियान चलाना जरूरी है।