अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में भारतीय वृत्तचित्र (Documentary) को मिला प्रतिष्ठित सर्वोच्च पुरस्कार
हिमालय के सुदूर गांवों में पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक जल स्रोतों पर बनी इस 50 मिनट की डॉक्युमेंट्री ने 80 देशों की प्रविष्टियों को पछाड़कर पहला स्थान पाया।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय फिल्मकारों को मिला पुरस्कार।
टोरंटो: भारतीय स्वतंत्र सिनेमा ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर एक बार फिर अमिट छाप छोड़ी है। जूरी सदस्यों ने इसके संवेदनशील निर्देशन की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
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संसद में हुई यह चर्चा लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाती है। जनता हेडलाइन की यह रिपोर्ट बहुत विस्तृत और निष्पक्ष है।
डिजिटल सेवाओं में साइबर फ्रॉड की रोकथाम सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। गांव-गांव तक जागरूकता अभियान चलाना जरूरी है।